अंबाला में अश्लील मैसेज और छेड़छाड़ प्रकरण में फंसे आइटीआइ प्रिंसिपल, केस दर्ज पुलिस पहुंची ITI
अंबाला में अश्लील मैसेज और छेड़छाड़ प्रकरण में फंसे आइटीआइ प्रिंसिपल, केस दर्ज पुलिस पहुंची ITI
अंबाला में अश्लील मैसेज और छेड़छाड़ प्रकरण में फंसे आइटीआइ प्रिंसिपल, केस दर्ज पुलिस पहुंची ITI
7 अगस्त 2024 से मई 2025 तक छेड़छाड़, अश्लील मैसेज करने और जबरदस्ती दूसरे संस्थानों में ले जाने के आरोप


अंबाला की राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आइटीआइ) में कार्यरत प्रिंसिपल यशपाल ढांडा की मुश्किलें बढ़ गई हैं। लंबे समय से चल रहे प्रकरण में मंगलवार शाम को केस दर्ज कर लिया गया। प्रिंसिपल पर छेड़छाड़, अश्लील मैसेज भेजने और जबरदस्ती दूसरे शिक्षण संस्थानों में अपने साथ ले जाने सहित कई आरोप शिक्षिका ने लगाए हैं। आरोप लगाने वाले शिक्षिका मंगलवार को कैंट थाने में पहुंची थी जहां पर लंबी लड़ाई के बाद बयान दर्ज करने के बाद करीब रात 10 बजे आरोपित प्रिंसिपल पर केस दर्ज किया गया। हालांकि प्रिंसिपल को भी थाने बुलाया गया था लेकिन वह थाने में नहीं पहुंचे। इससे पहले दोनों शिक्षिकाएं डीएसपी कार्यालय में भी पहुंची थी जहां वह कई घंटे रही। हालांकि यहां क्या कार्रवाई हुई इस विवरण उपलब्ध नहीं हो सका। बता दें कि आइटीआइ की दो महिला शिक्षिकाओं ने ऊर्जा एवं परिवहन मंत्री को अपना दुखड़ा ब्यान किया था और मंत्री ने उसपर सख्त कार्रवाई के आदेश भी दिए थे। लेकिन उसके बाद भी कार्रवाई नहीं होने पर महिलाओं ने मुख्यमंत्री तक को अपनी शिकायत दी थी। एक महिला शिक्षक का पति बीमार है तो दूसरी का पति उनके साथ नहीं रहता। दोनों शिक्षिकाओं के आरोप हैं कि प्रिंसिपल उन्हें शिकार बनाता है जो मजबूर हैं। 9 महीने छेड़छाड़ करने जबरदस्ती छूने के भी आरोप अपनी शिकायत में महिला शिक्षक ने आरोप लगा है कि उसके पति 5 साल से बिस्तर पर हैं। प्रिंसिपल उसपर इसीलिए बुरी नजर रखते हैं। होली के दिन जबरदस्ती रंग लगाया। वह बार-बार मना करती रही। कहा कि उसके पति बीमार हैं। इसके बावजूद प्रिंसिपल रंग लगाने पर आतुर रहे और वह नहीं माने। आरोप यह भी हैं कि अगस्त 2024 से मई 2025 तक वह छेड़छाड़ करते रहे और द्विअर्थी मैसेज भेजते रहे। थाने में महिला शिक्षक ने प्रिंसिपल द्वारा वाट्सएप पर भेजे गए सारे मैसेज भी रिपोर्ट में लगा दिए। इनपर प्रिंसिपल की फोटो भी लगी है। प्रिंसिपल ने जो मैसेज भेजे उनपर अपने फोटो साथ खुद ही लगाई हुई है।
दूसरी शिक्षिका भी बढ़ा सकती है प्रिंसिपल की दिक्कतें
वहीं इसी आइटीआइ की दूसरी शिक्षिका भी प्रिंसिपल की दिक्कतें बढ़ा सकती है। इस महिला शिक्षिका ने न केवल छेड़छाड़ बल्कि जातिसूचक शब्द कहने के आरोप भी प्रिंसिपल पर लगाए हैं। लिहाजा इस मामले में केस दर्ज करने की शक्तियां डीएसपी रैंक के अधिकारी के पास ही होती हैं। महिला शिक्षक ने राज्य महिला आयोग, मंत्री अनिल विज और अनुसूचित जाति आयोग को शिकायत पहले ही दे दी थी।
धारा 75(2) में दर्ज किया केस:- प्रिंसिपल पर बीएनएस की धारा 75(2) में केस दर्ज किया गया है। यह धारा यौन उत्पीड़न के विभिन्न कृत्यों से संबंधित है, जिसमें किसी महिला के साथ शारीरिक संपर्क करना या प्रगति करना। यौन एहसान की मांग या अनुरोध करना। किसी महिला की इच्छा के विरुद्ध अश्लील सामग्री दिखाना इत्यादि शामिल है।
SHO कैंट सदर प्रभारी ने जानकारी देते हुए बताया कि आइटीआइ के प्रिंसिपल पर केस दर्ज कर लिया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। जांच अगर सही पाई गई तो जल्द ही आरोपित प्रिंसिपल को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
सुरेंद्र, कैंट थाना प्रभारी।
मेरे ऊपर कोई केस दर्ज हुआ है इस बारे में मुझे कोई जानकारी नहीं है। मुझे थाने भी नहीं बुलाया गया था। शिक्षिकाओं ने आरोप क्यों लगाए हैं मुझे कोई जानकारी नहीं है।
यशपाल ढांडा, प्रिंसिपल राजकीय आइटीआइ
इस पूरे प्रकरण में आज पुलिस आईटीआई में जांच पड़ताल करने शिकायतकर्ता शिक्षिका को लेकर पहुंची फिलहाल अब देखने वाली बात होगी जांच में क्या कुछ निकल कर सामने आता है



