अंबाला की आशीर्वाद कॉलनी के लोगों ने नेताओं को आशीर्वाद देने से किया बहिष्कार, अब दबाएंगे NOTA
अंबाला की आशीर्वाद कॉलनी के लोगों ने नेताओं को आशीर्वाद देने से किया बहिष्कार, अब दबाएंगे NOTA
अंबाला की आशीर्वाद कॉलनी के लोगों ने नेताओं को आशीर्वाद देने से किया बहिष्कार,अब दबाएंगे NOTA

अंबाला में एक कॉलोनी ऐसी है जिसने किसी नेता को वोट देने से इनकार कर दिया है और साफ तौर पर वैधानिक चेतावनी लगा दी है कि कोई भी नेता यहां वोट मांगने के लिए ना आए अगर आएंगे तो मैं हाथ जोड़कर मना किया जाएगा फिर भी ना माने तो अपनी बेजती की जिम्मेदार वह खुद होंगे क्योंकि पिछले कई सालों से बसी कॉलोनी में पानी है ना सड़के हैं ना ही अनमोल बहुत सुविधा इसी को लेकर नाराज कॉलोनी वासियों ने साफ कहा है की वोट किसी नेता को नहीं नोटा को जाएगा।
अंबाला में नगर निगम का चुनाव उनको होने जा रहा है वही अंबाला के आशीर्वाद कॉलोनी के लोगों ने किसी भी नेता को अपना आशीर्वाद देने से मना कर दिया है और साफ तौर पर बैनर लगाकर वैधानिक चेतावनी कॉलोनी के गेट पर लगा दी है कि कोई भी नेता यहां वोट मांगने ना आए अगर कोई नेता वोट मांगने आया तो पहले उसे हाथ जोड़कर मना किया जाएगा फिर भी अगर कोई नेता आया तो अपनी बदनामी और बेज्जती का जिम्मेदार खुद होगा। कॉलोनी के लोगों का कहना है कि पिछले करीब 15 से 20 सालों से यहां मूलभूत सुविधाएं नहीं है पहले नेता आए उनको वोट दिए उनको जलपान कराया लेकिन वह हमारे यहां खाना पीना खाकर चले गए और आश्वासन देकर गए कि वह गलियां बनवाएंगे स्टेट लाइट लगवाएंगे पानी के लिए ट्यूबवेल लगवाएंगे लेकिन किसी ने कुछ नहीं करवाया पूर्व पार्षद पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वोट मांगने जरूर आए थे जीतने के बाद एक बार भी दिखाई नहीं दिए छोटा अधिकारी से लेकर उपायुक्त तक शिकायत दी लेकिन किसी ने उनकी समस्या का समाधान नहीं किया जिसके बाद इस चुनाव में वह किसी नेता को वोट नहीं देंगे और बहिष्कार करते हुए नोटा का बटन दबाएंगे क्योंकि ना तो यहां सड़के बनी है ना यहां से स्ट्रीट लाइट है और ना ही पीने का पानी है घर का कोई आदमी कम से लौटता है उसके बाद श्रीमंजी साहिब गुरुद्वारा से पीने का पानी लेकर आता है तब उनके घर में खाना बनता है। पिछले समय जब बाढ़ आई तो कोई भी नेता नहीं आया ना एमसी आया किसी ने आकर पूछा भी नहीं की कैसे हो क्या हाल है कितना नुकसान हुआ है इसी को लेकर अब यह बहिष्कार किया गया है।
नीरज धीमान
सरजीत कौर



