janda muda hasilkan uang ke dana uang kaget qris jimmy dapat 27 juta 173 juta dari putaran turbo kuncen makam keramat dapat 311jt penjual cilok dapat jackpot dana pola rahasia mekanik ahasss trik balok kuning onad jackpot 235jt gopay trik khusus projo susun berlian olympus trik khusus projo susun berlian olympus ceo yang menyamar jadi tukang bangunan sales yamaha dapat duit tiban 194jt जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे छात्रों पर दुर्व्यवहार मामले और पुलिस कार्रवाई के विरोध में अंबाला छावनी में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जोरदार रोष प्रदर्शन किया।  - Ambala Mirror
Anil Vijअंबालाऊर्जाक्राइमखेलचंडीगढ़दिल्लीदेशधर्मधर्म - कर्मन्यायलयपंजाबपरिवहनभारत पाकिस्तानमुख्यमंत्री हरियाणाराजनीतिराज्यवायरलशिक्षास्वास्थ्यहरियाणाहिमाचल प्रदेश

जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे छात्रों पर दुर्व्यवहार मामले और पुलिस कार्रवाई के विरोध में अंबाला छावनी में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जोरदार रोष प्रदर्शन किया। 

जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे छात्रों पर दुर्व्यवहार मामले और पुलिस कार्रवाई के विरोध में अंबाला छावनी में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जोरदार रोष प्रदर्शन किया। 

जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे छात्रों पर दुर्व्यवहार मामले और पुलिस कार्रवाई के विरोध में अंबाला छावनी में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जोरदार रोष प्रदर्शन किया।

 

 

जंतर-मंतर पर पेपर लीक प्रकरण को लेकर कई दिनों से शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे छात्रों पर हुई कथित पुलिस कार्रवाई, छात्र-छात्राओं के साथ कथित दुर्व्यवहार तथा छात्रों के समर्थन में प्रधानमंत्री आवास की ओर बढ़ रहे लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी और कांग्रेस के अन्य वरिष्ठ नेताओं के साथ हुई कथित पुलिस कार्रवाई के विरोध में अंबाला छावनी में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जोरदार रोष प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए आरोप लगाया कि देश में युवाओं की लोकतांत्रिक आवाज़ को दबाने तथा असहमति के प्रत्येक स्वर को प्रशासनिक शक्ति के बल पर कुचलने का प्रयास किया जा रहा है।

प्रदर्शन को संबोधित करते हुए ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष अमनदीप सिंह शेरा ने कहा कि पेपर लीक जैसी घटनाओं ने देश के लाखों प्रतिभाशाली युवाओं की मेहनत, विश्वास और भविष्य को गहरे संकट में डाल दिया है। उन्होंने कहा कि छात्र सड़कों पर किसी राजनीतिक स्वार्थ के लिए नहीं, बल्कि अपने भविष्य, पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था और न्याय की मांग को लेकर उतरे थे। ऐसे शांतिपूर्ण आंदोलन पर कथित पुलिस बल प्रयोग लोकतंत्र की आत्मा को आहत करने वाला कदम है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व छात्रों की आवाज़ को लोकतांत्रिक तरीके से प्रधानमंत्री तक पहुंचाने के लिए आगे बढ़ा, तब उनके साथ कथित रूप से धक्का-मुक्की और पुलिस कार्रवाई किया जाना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि सत्ता यदि जनता के सवालों का उत्तर संवाद से देने के बजाय बल प्रयोग से देने लगे तो यह लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए गंभीर चेतावनी है। कांग्रेस संविधान, लोकतंत्र और युवाओं के अधिकारों की रक्षा के लिए हर स्तर पर संघर्ष करती रहेगी।

पूर्व डिप्टी स्पीकर सुधीर शर्मा ने कहा कि लोकतंत्र की सबसे बड़ी शक्ति सत्ता नहीं, बल्कि जनता का विश्वास और उसकी अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता होती है। यदि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले छात्रों और उनके समर्थन में खड़े विपक्षी नेताओं की आवाज़ को भी प्रशासनिक शक्ति के माध्यम से दबाया जाएगा तो यह लोकतांत्रिक संस्थाओं की गरिमा पर प्रतिकूल प्रभाव डालेगा। उन्होंने कहा कि सरकार को आलोचना से घबराने के बजाय जनता की पीड़ा को सुनना चाहिए और लोकतांत्रिक परंपराओं का सम्मान करना चाहिए।

वरिष्ठ कांग्रेस नेता अतुल महाजन ने कहा कि आज देश का युवा रोजगार, पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया और निष्पक्ष परीक्षा प्रणाली की उम्मीद लेकर संघर्ष कर रहा है। सरकार का दायित्व युवाओं की आशंकाओं का समाधान करना है, न कि उनके आंदोलनों को बलपूर्वक रोकना। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का संघर्ष केवल छात्रों का नहीं, बल्कि उस लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करने का संघर्ष है जिसमें प्रत्येक नागरिक को अपनी बात कहने और न्याय मांगने का संवैधानिक अधिकार प्राप्त है।

वक्ताओं ने कहा कि पेपर लीक जैसी घटनाएं केवल प्रशासनिक विफलता नहीं, बल्कि उन लाखों युवाओं की उम्मीदों पर गहरा प्रहार हैं जो वर्षों तक कठिन परिश्रम कर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं। उन्होंने कहा कि जब ऐसे गंभीर मुद्दों पर जवाबदेही तय करने के बजाय आंदोलनरत छात्रों और उनके समर्थन में खड़े जनप्रतिनिधियों पर कथित बल प्रयोग किया जाता है, तो स्वाभाविक रूप से लोकतांत्रिक व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न खड़े होते हैं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में असहमति को अपराध नहीं माना जा सकता, क्योंकि जनभागीदारी और विरोध का अधिकार संविधान द्वारा प्रदत्त मौलिक अधिकारों का अभिन्न हिस्सा है।

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि देश के युवाओं का विश्वास बहाल करने के लिए पेपर लीक प्रकरण की निष्पक्ष जांच, दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस युवाओं की आवाज़ को सड़क से लेकर सदन तक पूरी मजबूती से उठाती रहेगी और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए अपना संघर्ष निरंतर जारी रखेगी।

प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की तथा छात्रों के साथ न्याय, शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा की मांग को बुलंद किया।

इस अवसर पर सतीश सैनी, घनश्याम दास, राजीव सूद, एडवोकेट भास्कर शर्मा, एडवोकेट सुभाष जायसवाल, युवराज वालिया, अभिषेक सोनकर (टिंकू), संदीप सिंह (मीडिया प्रभारी), सोमनाथ बख्शी, नंद लाल, ज्ञान चंद चिनालिया, अशोक पासी, मंदीप बोह, विमल कुमार, गौरव, अशोक शर्मा, अरुण यादव, सागर कौशल, संजय, अतुल कदम, अनिल कुमार, कमल धीमन, धर्मेंद्र, रिंकू सौंधी, धर्मा, राजू मलिक, मनोज जोशी, गुलशन कुमार, रोहित कुमार, विशु, कृष्णा, अंश, पप्पू पासी, राजेश, जुगल सहित कांग्रेस के अनेक पदाधिकारी, वरिष्ठ कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में कांग्रेसजन उपस्थित रहे।

Related Articles

Back to top button
Don`t copy text!