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अंबाला पुलिस पर कट्टरपंथियों द्वारा हुए जानलेवा हमले की NIA जांच करें, अमित शाह के नाम ATFI प्रमुख वीरेश शांडिल्य ने सौंपा ज्ञापन

अंबाला पुलिस पर कट्टरपंथियों द्वारा हुए जानलेवा हमले की NIA जांच करें, अमित शाह के नाम ATFI प्रमुख वीरेश शांडिल्य ने सौंपा ज्ञापन

अंबाला पुलिस पर कट्टरपंथियों द्वारा हुए जानलेवा हमले की NIA जांच करें, अमित शाह के नाम ATFI प्रमुख वीरेश शांडिल्य ने सौंपा ज्ञापन

अंबाला पुलिस पर कट्टरपंथियों द्वारा हुए जानलेवा हमले की NIA जांच करें, अमित शाह के नाम ATFI प्रमुख वीरेश शांडिल्य ने सौंपा ज्ञापन
अंबाला पुलिस पर कट्टरपंथियों द्वारा हुए जानलेवा हमले की NIA जांच करें, अमित शाह के नाम ATFI प्रमुख वीरेश शांडिल्य ने सौंपा ज्ञापन

दो दर्जन से अधिक सदस्यों के साथ DC व SP कार्यालय पहुंचे एंटी टेरोरिस्ट फ्रंट इंडिया प्रमुख शांडिल्य; फंडिंग, हथियारों और अंतरराज्यीय नेटवर्क की जांच की मांग

पंजाब से अमृतपाल सिंह के पिता तरसेम सिंह के साथ कौन कौन लोग आए थे इसकी एनआईए जांच करे : शांडिल्य

शांडिल्य ने कहा कि NIA यह भी पता लगाए कि भाले, तलवारें, फरसे एवं अन्य धारदार हथियार कहां से आए और किसने उपलब्ध करवाए

अंबाला। एंटी टेरोरिस्ट फ्रंट इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं विश्व हिन्दू तख्त के अंतरराष्ट्रीय प्रमुख वीरेश शांडिल्य ने दो दर्जन से अधिक सदस्यों के साथ 13 अगस्त को अंबाला में पुलिस पर हुए कथित जानलेवा हमले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) से करवाने की मांग को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नाम ज्ञापन सौंपा। डीसी की गैरमौजूदगी में जिला परिषद के सीईओ गगनदीप तथा एसपी अंबाला अजीत सिंह शेखावत को ज्ञापन दिया गया।

शांडिल्य ने कहा कि 13 अगस्त को जग्गी सिटी सेंटर एवं एयरफोर्स स्टेशन के नजदीक जीटी रोड पर हुए घटनाक्रम में पुलिसकर्मियों पर धारदार हथियारों से हमले के गंभीर आरोप सामने आए हैं। उन्होंने मांग की कि FIR नंबर 127/2026 थाना पंजोखरा और FIR नंबर 266/2026 थाना बलदेव नगर से जुड़े पूरे घटनाक्रम की जांच NIA को सौंपी जाए। ज्ञापन में भी दोनों FIR के साथ अंतरराज्यीय नेटवर्क, संभावित फंडिंग, डिजिटल नेटवर्क एवं हथियारों की व्यवस्था की व्यापक जांच की मांग की गई है।

वीरेश शांडिल्य ने सवाल उठाया कि पंजाब एवं अन्य स्थानों से इतनी बड़ी संख्या में लोग किसके आह्वान पर अंबाला पहुंचे, उनके आने-जाने और अन्य व्यवस्थाओं का खर्च किसने उठाया तथा क्या इसके पीछे किसी संगठित नेटवर्क या बाहरी फंडिंग की भूमिका थी। उन्होंने मांग की कि अमृतपाल सिंह के पिता तरसेम सिंह सहित पंजाब से अंबाला पहुंचे लोगों, उनके संपर्कों और पूरे घटनाक्रम के उद्देश्य की भी निष्पक्ष जांच की जाए।

शांडिल्य ने कहा कि NIA यह भी पता लगाए कि भाले, तलवारें, फरसे एवं अन्य धारदार हथियार कहां से आए और किसने उपलब्ध करवाए। क्या हथियार पहले से अंबाला में एकत्र किए गए थे या योजनाबद्ध तरीके से घटनास्थल तक पहुंचाए गए? इसके लिए CCTV, सोशल मीडिया वीडियो, कॉल डिटेल रिकॉर्ड, डिजिटल कम्युनिकेशन और वित्तीय लेन-देन की जांच की जाए।

उन्होंने कहा कि जगदीश सिंह झींडा के एक महीने के कपड़े लेकर आने संबंधी कथित बयान सहित पूरे घटनाक्रम की परिस्थितियों की भी जांच होनी चाहिए। यह भी पता लगाया जाए कि 13 अगस्त की घटना के पीछे कोई अंतरराज्यीय अथवा अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क, प्रतिबंधित आतंकी संगठन, विदेशी तत्व या टेरर मॉड्यूल तो सक्रिय नहीं था। ज्ञापन में भी किसी प्रतिबंधित संगठन अथवा विदेशी नेटवर्क से संभावित संबंध सामने आने पर साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष एवं कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है।

शांडिल्य ने कहा कि अंबाला में एयरफोर्स स्टेशन होने के कारण यह राष्ट्रीय सुरक्षा की दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील क्षेत्र है और ऐसे घटनाक्रम को केवल सामान्य कानून-व्यवस्था का मामला मानकर नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

उन्होंने प्रशासन से 23, 24 और 25 अगस्त को अंबाला में धारा 163 BNSS (पूर्व धारा 144 CrPC) के तहत आवश्यक प्रतिबंधात्मक आदेश लागू रखने की मांग की, ताकि किसी भी गैरकानूनी अथवा हथियारबंद जमावड़े से शहर की शांति और कानून-व्यवस्था प्रभावित न हो। ज्ञापन में विशेष रूप से 25 अगस्त के प्रस्तावित जमावड़े को देखते हुए निवारक कार्रवाई की मांग की गई है।

शांडिल्य ने अंबाला पुलिस की कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि पुलिस पर हमला कानून और संविधान की व्यवस्था पर गंभीर प्रहार है। उन्होंने कहा कि एंटी टेरोरिस्ट फ्रंट इंडिया किसी धर्म या सिख समाज के खिलाफ नहीं है और किसी कीमत पर हिन्दू-सिख भाईचारे को खराब नहीं होने देगा। संगठन का विरोध आतंकवाद, हिंसा, कट्टरपंथ और कानून हाथ में लेने वाली गतिविधियों से है।

इस अवसर पर तरसेम सैनी, आदित्य शर्मा, सुरेंद्र पाल केके, महेंद्र धीमान, विपीन बादल, मनीष पासी, परमजीत सिंह पिंकी, दीपक नटराज, विक्रम सिंह, चाणक्य, मोनू सैनी, आयुष सहित फ्रंट के अन्य सदस्य मौजूद रहे।

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