
श्री पंजोखरा साहिब गुरसिमरन मंड की हत्या की कोशिश करने के प्रकरण में एंटी टेररिस्ट फ्रंट इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं विश्व हिन्दू तख्त प्रमुख वीरेश शांडिल्य एसपी अंबाला अजीत सिंह शेखावत से से मिले ।
श्री पंजोखरा साहिब गुरसिमरन मंड की हत्या की कोशिश करने के प्रकरण में एंटी टेररिस्ट फ्रंट इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं विश्व हिन्दू तख्त प्रमुख वीरेश शांडिल्य एसपी अंबाला अजीत सिंह शेखावत से से मिले ।
श्री पंजोखरा साहिब गुरसिमरन मंड की हत्या की कोशिश करने के प्रकरण में एंटी टेररिस्ट फ्रंट इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं विश्व हिन्दू तख्त प्रमुख वीरेश शांडिल्य एसपी अंबाला अजीत सिंह शेखावत से से मिले । एसपी अंबाला की दो टूक- “कानून हाथ में लेने और संविधान का उल्लंघन करने वालों को किसी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।”

🔴 1. CCTV फुटेज तत्काल कब्जे में ली जाए — गुरुद्वारा परिसर व आसपास लगे सभी कैमरों की फुटेज सुरक्षित/जब्त की जाए।
🔴 2. हमलावरों की पहचान हो — वीडियो व फोटो के आधार पर मंड पर तलवार, लाठी व अन्य हथियारों से हमला करने वालों की पहचान की जाए।
🔴 3. वाहन तोड़ने वालों पर कार्रवाई हो — मंड के वाहन को क्षतिग्रस्त करने वाले व्यक्तियों को चिन्हित किया जाए।
🔴 4. साजिश के एंगल की जांच हो — हमला पूर्व नियोजित था या नहीं और इसके पीछे किसकी भूमिका थी, इसकी गहन जांच की जाए।
🔴 5. आतंकी/कट्टरपंथी नेटवर्क की भूमिका की जांच — बब्बर खालसा इंटरनेशनल, अमृतपाल सिंह अथवा उसके समर्थकों या किसी अन्य आतंकी/उग्रवादी नेटवर्क की भूमिका होने के आरोपों की साक्ष्यों के आधार पर जांच की जाए।
🔴 6. पुलिसकर्मियों पर हमले की भी जांच हो — घायल पुलिसकर्मियों के बयान, मेडिकल रिकॉर्ड व ड्यूटी रिकॉर्ड जांच में शामिल किए जाएं और उन पर हमला करने वालों की पहचान हो।
🔴 7. मोबाइल व सोशल मीडिया वीडियो सुरक्षित किए जाएं — पुलिस वीडियोग्राफी, मोबाइल वीडियो और सोशल मीडिया पर मौजूद घटना से संबंधित वीडियो को तकनीकी जांच में शामिल किया जाए।
🔴 8. भीड़ को उकसाने वालों की पहचान हो — किसने हिंसा के लिए उकसाया, रास्ता रोका, हथियार लाए या हमलावरों की सहायता की, इसकी जांच हो।
🔴 9. भड़काऊ/खालिस्तान समर्थक नारों की जांच — यदि वीडियो या अन्य साक्ष्यों में हिंसा भड़काने या माहौल खराब करने वाले नारे सामने आते हैं तो कानून के अनुसार कार्रवाई हो।
🔴 10. सभी आधिकारिक रिकॉर्ड जांच में शामिल हों — DDR, रोजनामचा रिपोर्ट, शिकायत, MLR, पुलिस वायरलेस संदेश एवं अन्य आधिकारिक रिकॉर्ड सुरक्षित कर जांच का हिस्सा बनाए जाएं।
🔴 11. वरिष्ठ पुलिस अधिकारी की निगरानी में जांच हो — पूरे मामले की निष्पक्ष, समयबद्ध और साक्ष्य-आधारित उच्चस्तरीय जांच करवाई जाए।
🔴 12. निर्दोष को न छेड़ा जाए, वास्तविक दोषी न बचे — कार्रवाई किसी धर्म या समुदाय के आधार पर नहीं, बल्कि प्रत्येक व्यक्ति की वास्तविक भूमिका और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर हो।
वीरेश शांडिल्य का संदेश:
“विचारों का जवाब तलवार, लाठी और भीड़ की हिंसा नहीं हो सकता। गुरुघर शांति और भाईचारे का पवित्र स्थान है। कानून हाथ में लेने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो और पुलिस का मनोबल किसी कीमत पर गिरने नहीं दिया जाएगा।”



