
दशहरे के दिन खूनी वारदात! जमीन का विवाद बना मौत की वजह, भाई की हत्या का आरोप
#नारनौल | गांव नूनी कलां, महेंद्रगढ़
जिस जमीन के लिए कभी परिवार के लोग साथ खड़े होते थे, उसी जमीन के विवाद में आज रिश्तों पर खून के छींटे पड़ने का आरोप है। हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले के गांव नूनी कलां में दशहरे के दिन 58 वर्षीय इंद्रपाल की हत्या का मामला सामने आया है। वारदात के बाद गांव में सनसनी फैल गई।
खेत से लौट रहे थे इंद्रपाल, रास्ते में हमले का आरोप
मृतक के बेटे अनिल की शिकायत के अनुसार, मंगलवार सुबह करीब 9 बजे इंद्रपाल खेत से काम निपटाकर गांव लौट रहे थे। आरोप है कि गांव के अड्डे के पास कुछ लोगों ने उन्हें घेर लिया और लाठी-डंडों से हमला कर दिया। गंभीर चोटों के चलते उनकी मौत हो गई।
पुरानी रंजिश का भी जिक्र, पहले भी हुआ था हमला!
अनिल का आरोप है कि परिवार में जमीन को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। जनवरी में भी इंद्रपाल पर हमला हुआ था, जिसमें उनके दोनों पैर टूट गए थे और पैरों में लोहे की रॉड डलवानी पड़ी थी। उस मामले की सुनवाई अदालत में जारी बताई गई है।
चाचा, दो भतीजों समेत पांच लोगों पर आरोप
मृतक के बेटे ने अपने चाचा सुंदर, उनके बेटों अंकित और विशाल तथा परिवार की दो महिलाओं पर वारदात में शामिल होने का आरोप लगाया है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस सभी नामजद लोगों की भूमिका और मामले से जुड़े साक्ष्यों की जांच कर रही है।
पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंपा शव
सूचना मिलने पर सदर नारनौल थाना पुलिस मौके पर पहुंची। शव को नागरिक अस्पताल ले जाकर पोस्टमार्टम करवाया गया और बाद में परिजनों को सौंप दिया गया।
सबसे बड़ा सवाल—आखिर जमीन के विवाद में कब तक खून बहता रहेगा?
जिस विवाद को बातचीत और कानून के रास्ते सुलझाया जा सकता है, उसका अंत अगर हिंसा और मौत में हो, तो सवाल पूरे समाज से है। जमीन और संपत्ति से बढ़कर आखिर इंसानी जिंदगी क्यों नहीं समझी जाती?
आपकी राय क्या है? जमीन के विवादों में बढ़ती हिंसा को रोकने के लिए परिवार और समाज को क्या कदम उठाने चाहिए? अपनी राय कमेंट में जरूर बताएं।
नोट: खबर मृतक के बेटे की शिकायत और उपलब्ध प्रारंभिक जानकारी पर आधारित है। आरोपों की पुष्टि पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।


