दिल्ली-NCR में फिर कांपी धरती, 4.9 तीव्रता के झटकों से सहमे लोग घरों से निकले बाहर

दिल्ली समेत उत्तर भारत के कई हिस्सों में रात 10:23 बजे भूकंप के झटके महसूस किए गए। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 4.9 दर्ज की गई। दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद और एनसीआर के अन्य इलाकों में झटके महसूस होने के बाद लोग घरों और हाउसिंग सोसायटियों से बाहर निकल आए। करीब 30 सेकंड तक महसूस हुए झटकों से कुछ देर अफरातफरी का माहौल रहा, हालांकि बाद में स्थिति सामान्य हो गई।
दिल्ली-NCR में महसूस हुए भूकंप के तेज झटके
दिल्ली सहित पूरे उत्तर भारत के कई इलाकों में अचानक धरती हिलने से लोगों में दहशत फैल गई। रात 10:23 बजे आए भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 4.9 दर्ज की गई। दिल्ली के अलावा नोएडा और गाजियाबाद समेत पूरे एनसीआर में भी इसके झटके महसूस किए गए।
भूकंप के अचानक आने के बाद कई लोग अपने घरों से बाहर निकलकर सड़कों पर आ गए। कुछ समय के लिए लोगों के बीच अफरातफरी की स्थिति बनी रही। हालांकि कुछ देर बाद हालात सामान्य हो गए।
भूकंप का केंद्र और उत्तर भारत में असर
बताया जा रहा है कि भूकंप का केंद्र खाडून लागा ग्वाली से 22 किलोमीटर दूर था। इसके अलावा उत्तराखंड के उत्तरकाशी में भी रिक्टर स्केल पर 4.4 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया।
उत्तराखंड के सभी जिलों के अलावा उत्तर भारत के कई बड़े इलाकों में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए। इनमें हिमाचल प्रदेश और पंजाब भी शामिल हैं। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में भी धरती के हिलने का असर महसूस किया गया।
अफगानिस्तान में 6.1 तीव्रता का भूकंप
दी गई जानकारी के मुताबिक, भूकंप का केंद्र अफगानिस्तान में था और रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 6.1 मापी गई। गाजियाबाद, नोएडा और मेरठ की कई हाउसिंग सोसायटियों में रहने वाले लोग भूकंप के झटके महसूस होने के बाद अपने घरों से बाहर निकल आए।
करीब 30 सेकंड तक महसूस हुए झटके
जानकारी के अनुसार, भूकंप के झटके लगभग 30 सेकंड तक महसूस किए गए। इस दौरान लोगों में डर का माहौल बन गया। ऊंची इमारतों में रहने वाले लोग विशेष रूप से घबराए और तुरंत अपनी बिल्डिंग से बाहर निकल आए।
भूकंप का असर ज्यादा देर तक नहीं रहा, लेकिन अचानक आए झटकों ने लोगों को डरा दिया। बाद में स्थिति सामान्य हो गई।
दिल्ली-NCR भूकंप के लिहाज से संवेदनशील
नोएडा और दिल्ली-NCR का इलाका भूकंप के लिहाज से संवेदनशील जोन में आता है। दिल्ली को सिस्मिक जोन-4 में रखा गया है, जिसे भूकंप के लिए ज्यादा जोखिम वाला इलाका माना जाता है।
नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी (NCS) के मुताबिक, 6 अक्टूबर को देश के अलग-अलग हिस्सों और आसपास के इलाकों में कई बार भूकंप के झटके महसूस किए गए। इन हालिया घटनाओं की जानकारी NCS की वेबसाइट पर दी गई है।
फिलहाल सभी जगह हालात सामान्य बताए गए हैं और किसी बड़े नुकसान की सूचना नहीं है।
भूकंप क्यों आते हैं?
पृथ्वी की सतह के नीचे सात प्लेटें मौजूद हैं, जो लगातार गति करती रहती हैं। जिन स्थानों पर ये प्लेटें अक्सर एक-दूसरे से टकराती हैं, उन्हें फॉल्ट लाइन कहा जाता है।
प्लेटों के लगातार टकराने से उनके किनारों पर दबाव बनता है। जब यह दबाव बहुत अधिक बढ़ जाता है, तो प्लेटों में टूटने या खिसकने की स्थिति पैदा होती है। इस प्रक्रिया में ऊर्जा बाहर निकलती है और धरती में होने वाली इसी हलचल को भूकंप के रूप में महसूस किया जाता है।



