
गुरु साहिब जी की कृपा से चार साहिबजादों और समूह शहीदों की याद को समर्पित तीन दिवसीय गुरमत मुकाबले हुए संपन्न : टी पी सिंह
गुरु साहिब जी की कृपा से चार साहिबजादों और समूह शहीदों की याद को समर्पित तीन दिवसीय गुरमत मुकाबले हुए संपन्न : टी पी सिंह
गुरु साहिब जी की कृपा से चार साहिबजादों और समूह शहीदों की याद को समर्पित तीन दिवसीय गुरमत मुकाबले हुए संपन्न : टी पी सिंह
साहिबजादों, माता गुजर कौर जी व समस्त सिंहों की शहादत ने सिख धर्म की नींव को अपने लहू से सींचा : जगदीश सिंह झींडा

प्रतियोगिता के अंतिम दिन विजेताओं को किया गया सम्मानित, शाहबाद श्री गुरु नानक गर्ल्स स्कूल ने जीती ओवरऑल ट्रॉफी
अंबाला। सरबंसदानी, साहिब-ए-कमाल साहिब श्री गुरु गोबिंद सिंह जी महाराज के पिता व नौंवे गुरु धन धन श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी महाराज, माता गुजर कौर जी, चार साहिबजादों और समूह शहीदों की शहादत की याद में अंबाला के ऐतिहासिक गुरुघरों में श्री गुरु हरगोबिंद साहिब सेवा सोसाइटी व हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के सहयोग से बड़ी श्रद्धा व सत्कार से तीन दिवसीय गुरमत मुकाबलों का 29 दिसंबर गुरुद्वारा मंजी साहिब में सोमवार समापन हो गया। जानकारी देते हुए श्री गुरु हरगोबिंद साहिब सेवा सोसाइटी के प्रधान व पूर्व एचएसजीएमसी एग्जीक्यूटिव मेंबर टीपी सिंह ने बताया कि अंतिम दिन अंबाला के विभिन्न स्कूलों से आए सैकड़ों बच्चों ने प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया। तीन दिवसीय समागम में हुए सभी मुकाबलों में शाहबाद से श्री गुरु नानक गर्ल्स स्कूल की टीम ने कई मुकाबलों में इनाम जीते तथा ओवरऑल ट्रॉफी पर कब्जा किया। सभी विजेता बच्चों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।
इस समागम में हरियाणा सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी के प्रधान जगदीश सिंह झींडा विशेष तौर पर उपस्थित रहे। वहीं एचएसजीएमसी एग्जीक्यूटिव मेंबर रुपिंदर सिंह गुरुद्वारा पंजोखरा साहिब, पूर्व एचएसजीएमसी वरिष्ठ उपाध्यक्ष सुदर्शन सिंह सहगल, सिखी सरूप कलाकार व महान शख़्सियत अमृतपाल सिंह, जत्थेदार गुरप्रीत सिंह खालसा, नरिंदर सिंह, ज्ञानी हरसिमरन सिंह, श्री गुरु हरगोबिंद साहिब सेवा सोसायटी के चेयरमैन मनजीत सिंह, बीएम सिंह, एचएसजीएमसी मेंबर गुरतेज सिंह, मैनेजर प्रितपाल सिंह, गतका कोच इंद्रपाल सिंह खालसा, हरप्रीत सिंह, तरनजीत सिंह सेठी, मनप्रीत सिंह, परमजीत सिंह, प्रभजीत सिंह, महिंदरपाल सिंह, जेपी सिंह, सतिंदरपाल सिंह बंटी, सोसाइटी के लेडीज विंग के इंचार्ज कुलविंदर कौर सहित अन्य उपस्थित रहे। इस दौरान सोसाइटी की तरफ से सभी अतिथियों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।
‘गुरु साहिबानों की शिक्षाओं का प्रचार करने के लिए ऐसे समागमों का आयोजन जरूरी’ : जगदीश सिंह झींडा
इस दौरान एचएसजीएमसी अध्यक्ष ने संगत को संबोधित करते हुए कहा कि गुरुओं की शिक्षाओं का प्रचार करने के लिए ऐसे गुरमत मुकाबलों का आयोजन बहुत जरूरी है। उन्होंने इस समागम के आयोजन के लिए श्री गुरु हरगोबिंद साहिब सेवा सोसाइटी व समस्त संगत की हौंसला अफजाई की। उन्होंने कहा कि साहिब श्री गुरु गोबिंद सिंह जी महाराज ने धर्म की रक्षा के लिए सरबंस वार दिया। वहीं छोटे साहिबजादों व माता गुजर कौर जी की लासानी शहादत ने सिख धर्म की नींव को अपने लहू से सींचा। उन्होंने कहा कि आज इस समागम में बच्चों की गुरबाणी व सिख इतिहास के प्रति लग्न देखकर मन बड़ा प्रफुल्लित हुआ ।
हमें शहीद सिंहों के जीवन से प्रेरणा लेकर अपने जीवन को सफल बनाना चाहिए : अमृतपाल सिंह
वहीं विशेष तौर पर पहुंचे फिल्मी अदाकार अमृतपाल सिंह ने प्रतियोगिता में भाग लेने वाले सभी बच्चों की हौसला अफजाई की और उन्हें गुरबाणी के साथ-साथ गुरु इतिहास से जुड़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि हमें चारों साहबजादों, माता गुजर कौर व सभी शहीद सिंहों के जीवन से प्रेरणा लेनी चाहिए। उन्होंने कहा की साहिबजादों ने बलिदान दे दिया लेकिन जुल्म के आगे सर नहीं झुकाया।
साहिबजादों के जीवन से प्रेरणा लेकर हमें सिखी सिद्धांतों का पालन करना चाहिए : नरिंदर सिंह
फिल्मी कलाकर नरिंदर सिंह ने कह कि साहिबजादों
का बलिदान हमें प्रेरणा देता है कि मुसीबत चाहे कितनी भी बड़ी क्यों ना हो यदि हम उसका डटकर वह दृढ़ संकल्प के साथ मुकाबला करेंगे तो हमें जीवन में कभी हार का सामना नहीं करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि साहिबजादों के जीवन से प्रेरणा लेकर हमें सिखी सिद्धांतों का पालन करना चाहिए।
3 दिन चले मुकाबलों में विभिन्न स्कूलों के सैकड़ों बच्चों ने हिस्सा लिया : टीपी सिंह
टीपी सिंह ने बताया कि 29 दिसंबर को गुरुद्वारा श्री मंजी साहिब में शहीदों से संबंधित विषय पर जिला स्तरीय प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। उसके बाद ‘अवॉर्ड चंगेरे मापे’ प्रतियोगिता में अमृतधारी माता-पिता अपने 5 से 7 साल के बच्चों को सिखी स्वरूप में तैयार करके लाए। उसके बाद ‘सिखी सरुप मेरा असली रूप’ प्रतियोगिता का आयोजन करवाया गया। मॉडल मेकिंग प्रतियोगिता में बच्चों ने इतिहास व शहीदी साकों संबंधी मॉडल बनाए। इसके साथ ही दस्तार व दुमाला मुकाबला और गतके का प्रदर्शन भी किया गया। इससे पहले 25 दिसंबर को यह गुरमत मुकाबले आरंभ करवाए गए थे। पहले दिन साका सरहिंद व साका चमकौर चमकौर साहिब पर लेख प्रतियोगिता का आयोजन किया गया था। वही 28 दिसम्बर को गुरुद्वारा शीशगंज साहिब में गुरबाणी कंठ, कीर्तन, कविता, सिख इतिहास पर पेंटिंग और कलरिंग प्रतियोगिताओं का आयोजन करवाया गया। उन्होंने बताया कि सभी प्रतियोगिताओं में बच्चों ने बढ़ चढ़कर भाग लिया। उन्होंने ये भी कहा कि आने वाले समय में भी ऐसे समागमों का आयोजन करवाया जाएगा। उन्होंने कहा कि सिख संगत को ऐसे समागमों में पहुंचकर बच्चों का उत्साह बढ़ाना चाहिए। ताकि आने वाले समय में बच्चे सिख इतिहास से रूबरू हो और गुरु साहिब व श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की शिक्षाओं का प्रचार प्रसार कर सकें ।
3 दिवसीय समागम ने इन स्कूलों ने लिया भाग
3 दिन चली इन प्रतियोगिताओं में अंबाला पब्लिक स्कूल, सिख सीनियर सेकेंडरी स्कूल अंबाला कैंट, अकाल अकादमी अंबाला शहर, अकाल अकादमी माजरी, पीकेआर जैन स्कूल, पीकेआर पब्लिक स्कूल, श्री हरगोबिंद साहिब हाई स्कूल, श्री हरगोबिंद साहिब पब्लिक स्कूल, मुरलीधर डीएवी स्कूल, साहिब किड्स अकादमी साहा, सूर्या स्कूल अंबाला, खालसा स्कूल, आरएलजी विद्या मंदिर, एनसीसी स्कूल अंबाला सहित कई अन्य स्कूलों ने भाग किया।



