
बाढ़ प्रभावित गांवों में विधायक चौधरी निर्मल सिंह ने किया दौरा, सरकार से पीड़ितों के लिए तत्काल मुआवजा और राहत पैकेज की मांग की
बाढ़ प्रभावित गांवों में विधायक चौधरी निर्मल सिंह ने किया दौरा, सरकार से पीड़ितों के लिए तत्काल मुआवजा और राहत पैकेज की मांग की
बाढ़ प्रभावित गांवों में विधायक चौधरी निर्मल सिंह ने किया दौरा, सरकार से पीड़ितों के लिए तत्काल मुआवजा और राहत पैकेज की मांग की
किसानों की व्यथा सुनी व मुआवजा अवधि बढ़ाने और तत्काल राहत पैकेज की माँग।
अंबाला शहर – अंबाला शहर से कांग्रेस विधायक और हरियाणा के पूर्व कैबिनेट मंत्री चौधरी निर्मल सिंह मोहड़ा ने आज बाढ़ से प्रभावित मलौर, पंजोला और इस्माइलपुर क्षेत्रों का दौरा कर किसानों, मजदूरों और ग्रामीणों से मुलाकात की। उन्होंने लोगों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएँ सुनीं और प्रशासनिक लापरवाही पर ग्रामीणों के आक्रोश को गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों से बात कर त्वरित समाधान के निर्देश दिए। उन्होंने सरकार से माँग की कि पिछली बार बाढ़ से हुए नुकसान का जो मुआवजा अब तक नहीं दिया गया, उसे तुरंत उपलब्ध करवाया जाए और इस बार हर प्रभावित परिवार को उनके वास्तविक नुकसान के अनुसार अधिकतम मुआवजा दिया जाए।
किसानों ने विधायक के समक्ष यह भी माँग रखी कि सरकार द्वारा क्षतिपूर्ति पोर्टल पर नुकसान दर्ज करने के लिए दी गई 15 सितम्बर की अंतिम तिथि बहुत कम है। पानी की निकासी और वास्तविक क्षति का आकलन इस अवधि में संभव नहीं है, अतः समय सीमा को 1 महीने और बढ़ाया जाए। चौधरी निर्मल सिंह ने किसानों को आश्वासन दिया कि उनकी यह माँग वे सरकार तक पहुँचाएँगे और इस पर सकारात्मक कार्रवाई करवाने का प्रयास करेंगे। उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि लगातार हो रही बारिश और संभावित बाढ़ से आगे भी नुकसान बढ़ सकता है, इसलिए पोर्टल पर दावे दर्ज करने की अवधि बढ़ाना नितांत आवश्यक है।
इसी दौरे के उपरांत निर्मल सिंह ने कहा कि मूसलाधार बारिश और बाढ़ से अंबाला व उसके आस पास लगती इंडस्ट्री एक बार फिर ठप हो गई है, इंडस्ट्रियल एरिया, अंबाला छावनी और आसपास के गाँवों में फैक्ट्रियाँ डूबी हुई हैं, करोड़ों रुपयों का माल और मशीनें खराब हो गई और हज़ारों मजदूरों के सामने रोज़गार का संकट खड़ा है। उन्होंने कहा कि दो वर्ष पूर्व भी बाढ़ आपदा घोषित होने के बावजूद किसी भी व्यापारी को अभी तक कोई राहत नहीं मिली , इस बार सरकार को तुरंत विशेष राहत पैकेज घोषित कर टैक्स में छूट,बिजली-पानी के बिल माफी और ब्याजमुक्त ऋण उपलब्ध कराने चाहिए।
जीएसटी 2.0 पर प्रतिक्रिया देते हुए दोनों नेताओं ने कहा कि आठ वर्षों तक छोटे और मध्यम व्यापारियों पर कर का असहनीय बोझ डालने के बाद अब चुनावी मजबूरी में इसे दो स्लैब में बदला गया है। यह निर्णय स्वागत योग्य अवश्य है, परन्तु सरकार को जनता से माफी माँगनी चाहिए और अंबाला जैसे औद्योगिक शहरों के लिए विशेष राहत पैकेज की घोषणा करनी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उद्योगों के पुनरुद्धार की ठोस योजना नहीं बनाई गई तो जनता आगामी चुनावों में इसका कठोर जवाब देगी।



